जनवरी, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
Search
Sections
Trending now
ऊधो मोहे संत सदा अति प्यारे
ऊधो मोहे संत सदा अति प्यारे | जाकि महिमा वेद उचारे || मेरे कारण छोड जगत के भोग पदारथ सा…
पंख नहीं पास कैसे...
शब्द नहीं पास कैसे, विनय सुनाऊं मैं। पंख नहीं पास कैसे, पास चली आऊं मैं ॥ ऐसा कोई त्याग…
हरि भजन बिना सुख नाहीं
हरि भजन बिना सुख नाहीं रे । नर क्यों बिरथा भटकाई रे ।। काशी गया द्वारका जावे, चार धाम …
गुरु की मूरत मन में ध्याना
गु रु की मूरत मन में ध्याना। गुरु के शब्द मंतर मन माना॥ गुरु के चरण हृदय लै धारो। गुरु पा…
ये जग अंधा मै केही समझाऊं
ये जग अंधा मै केही समझाऊं ।। एक दो होय उन्हें समझाऊं, सभी भुलाना पेट का धंधा ।। पानी के…